| बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदाता उत्साहपूर्वक मतदान करते हुए। |
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: चरणवार मतदान, एग्ज़िट पोल और राजनीतिक समीकरणों का विस्तृत विश्लेषण
परिचय
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इस समय पूरे देश की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। bihar assembly elections न केवल राज्य की सत्ता का भविष्य तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा। इस चुनाव में एनडीए (NDA), इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance), जन सुराज पार्टी (Prashant Kishor) और अन्य क्षेत्रीय दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
चरणवार मतदान का हाल
पहला चरण
पहले चरण में बिहार के कई जिलों में मतदान हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मतदान प्रतिशत उम्मीद से अधिक रहा। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
दूसरा चरण
दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान हुआ। इस चरण में जेडीयू (JDU), आरजेडी (RJD), बीजेपी (BJP), कांग्रेस और जन सुराज जैसी पार्टियों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, मतदान प्रतिशत 55% से अधिक रहा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं।
- शहरी इलाकों में युवाओं ने सोशल मीडिया पर मतदान को लेकर जागरूकता फैलाई।
- कुछ जगहों पर ईवीएम खराब होने की शिकायतें भी आईं, लेकिन चुनाव आयोग ने तुरंत समाधान किया।
प्रमुख दलों की रणनीति
एनडीए (NDA)
एनडीए गठबंधन में बीजेपी और जेडीयू शामिल हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी नेतृत्व ने विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था को मुख्य मुद्दा बनाया है।
इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance)
आरजेडी और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यह गठबंधन बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई को बड़ा मुद्दा बना रहा है। तेजस्वी यादव ने युवाओं को 10 लाख नौकरियों का वादा दोहराया है।
जन सुराज पार्टी
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज इस चुनाव में पहली बार बड़े पैमाने पर उतरी है। उनका फोकस ‘जन संवाद’ और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर रहा है।
एग्ज़िट पोल और अनुमान
एग्ज़िट पोल्स के अनुसार, मुकाबला बेहद कड़ा है। कुछ सर्वे एनडीए को बढ़त दे रहे हैं, जबकि कुछ में इंडिया गठबंधन को मजबूत स्थिति में दिखाया गया है। जन सुराज पार्टी को भी कुछ सीटों पर असर डालने वाला माना जा रहा है।
- एनडीए: 110–120 सीटें (अनुमानित)
- इंडिया गठबंधन: 100–110 सीटें (अनुमानित)
- जन सुराज और अन्य: 10–15 सीटें (अनुमानित)
चुनाव आयोग की भूमिका
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल सुनिश्चित किया गया है।
मतदाताओं का रुझान
मतदाताओं का रुझान इस बार काफी दिलचस्प है। युवा वर्ग रोजगार और शिक्षा को लेकर गंभीर है, जबकि ग्रामीण मतदाता विकास और बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दे रहे हैं। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में मतदान किया है, जो चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है।
राजनीतिक विश्लेषण
विश्लेषकों का मानना है कि bihar assembly elections 2025 में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है, लेकिन जन सुराज पार्टी कई सीटों पर ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकती है।
मुख्य मुद्दे
- बेरोजगारी और रोजगार सृजन
- शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था
- महंगाई और आर्थिक विकास
- कानून-व्यवस्था और सुरक्षा
- महिला सशक्तिकरण
निष्कर्ष
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 केवल सत्ता परिवर्तन का चुनाव नहीं है, बल्कि यह राज्य की सामाजिक-आर्थिक दिशा तय करने वाला चुनाव है। मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी और दलों की रणनीतियाँ आने वाले वर्षों में बिहार की राजनीति को नई दिशा देंगी।
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